संत श्री देवारामजी महाराज इस पावन परंपरा के आदि गुरुओं में से एक हैं, जिन्होंने श्री राजारामजी महाराज की भक्ति-भावना को पहचानकर उन्हें आध्यात्मिक शक्तियां प्रदान कीं। उनका जीवन सेवा, तप और त्याग का प्रतीक रहा है।
(विस्तृत जीवन परिचय एडमिन पैनल से अद्यतन किया जा सकता है।)







