यह आश्रम राजस्थान के जोधपुर जिले के गाँव शिकारपुरा में स्थित है। श्री राजारामजी महाराज का जन्म चेत्र शुक्ला 9, संवत् 1939 को शिकारपुरा में एक किसान (पटेल कालबी) परिवार में हुआ था। बचपन में ही उनके माता-पिता का देहांत हो गया था।
आश्रम में मुख्य समाधि मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, धर्मशाला, विशाल रसोई, यज्ञशाला, गौशाला एवं सत्संग हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चाय, गाय का दूध, दही, भोजन, अल्पाहार आदि की व्यवस्था निःशुल्क रहती है।
जून 2011 में यहां समाधि मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ था, जिसमें लगभग 12 लाख श्रद्धालु सम्मिलित हुए थे।







